
गुरु चांडाल दोष पूजा
गुरु चांडाल दोष पूजा कुंडली में गुरु और राहु की युति से उत्पन्न दोष को शांत करने के लिए की जाती है।
📍 स्थान
Ram Ghat, Ujjain
⏳ अवधि
2-3 Hours
💰 दक्षिणा
Contact for Price
⭐ वैदिक विधि
शास्त्रोक्त विधि, सटीक मंत्र-जप और सावधानीपूर्वक अनुष्ठान
👨🦳 अनुभवी पंडित
पंडित अजय शर्मा जी की मार्गदर्शना में पूजा का आयोजन
📹 लाइव वीडियो सुविधा
आवश्यकता पर पूजा की लाइव वीडियो सुविधा उपलब्ध
गुरु चांडाल दोष पूजा की विशेषता
गुरु चांडाल दोष पूजा कुंडली में गुरु और राहु की युति से उत्पन्न दोष को शांत करने के लिए की जाती है।
यह पूजा उन परिवारों के लिए विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है, जो अपनी आध्यात्मिक यात्रा में शांति, संतुलन और शुभता की इच्छा रखते हैं।
पूजा विधि
- 1संकल्प एवं गणेश पूजन
- 2गुरु ग्रह की विशेष पूजा
- 3राहु ग्रह की शांति हेतु अनुष्ठान
- 4वृहस्पति एवं राहु मंत्रों का जाप
- 5हवन एवं आहुति प्रदान करना
लाभ
- गुरु और राहु की अशुभ युति शांत होती है
- बुद्धि एवं विवेक में वृद्धि होती है
- करियर एवं शिक्षा में सफलता मिलती है
- पारिवारिक एवं वैवाहिक जीवन सुखद बनता है
- आर्थिक स्थिरता प्राप्त होती है
किसे करानी चाहिए
यह पूजा उन श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से उपयुक्त मानी जाती है, जो अपने जीवन में शांति, संतुलन और पारिवारिक कल्याण की कामना रखते हैं।
आवश्यक सामग्री
- • अक्षत, पुष्प, दीप और धूप
- • वैदिक मंत्रों के लिए तिल, जौ और कुशा
- • दान, भोजन और ब्राह्मण सत्कार
पूजा बुकिंग
गुरु चांडाल दोष पूजा के लिए अभी संपर्क करें
अपनी पसंदीदा तिथि और विवरण साझा करें, हमारी टीम आपसे शीघ्र ही सम्पर्क करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गुरु चांडाल दोष के लक्षण क्या हैं?
शिक्षा में बाधा, निर्णय लेने में भ्रम एवं आर्थिक अस्थिरता इसके प्रमुख लक्षण हैं।
Obstacles in education, confusion in decision-making, and financial instability are its main symptoms.
इस दोष का असर किन क्षेत्रों में होता है?
यह दोष मुख्यतः शिक्षा, करियर, वैवाहिक जीवन एवं मानसिक स्थिरता को प्रभावित करता है।
This dosh mainly affects education, career, married life, and mental stability.
पूजा के लिए कौन सा दिन उत्तम है?
गुरुवार का दिन इस पूजा के लिए सर्वाधिक उपयुक्त माना जाता है।
Thursday is considered the most suitable day for this puja.
क्या यह पूजा हर कुंडली के लिए आवश्यक है?
नहीं, यह केवल उन्हीं कुंडलियों के लिए आवश्यक है जिनमें गुरु-राहु की युति हो।
No, it is necessary only for horoscopes where Jupiter and Rahu are conjunct.
पूजा के बाद क्या सावधानियां रखें?
पूजा के बाद पीले वस्त्र धारण करें और गुरुवार का व्रत रखने की सलाह दी जाती है।
It is advised to wear yellow clothes and observe a Thursday fast after the puja.
संबंधित पूजा सेवाएं

पितृ दोष पूजा
पितृ दोष पूजा पूर्वजों की आत्मा की शांति और परिवार पर पड़ने वाले पितृ दोष के दुष्प्रभावों को दूर करने के लिए की जाती है।

त्रिपिंडी श्राद्ध
त्रिपिंडी श्राद्ध तीन पीढ़ियों के अतृप्त पितरों की आत्मा की मुक्ति और शांति के लिए की जाने वाली विशेष विधि है।

तीर्थ श्राद्ध
तीर्थ श्राद्ध पवित्र तीर्थ स्थलों पर पूर्वजों की मुक्ति और आत्मिक शांति के लिए किया जाने वाला धार्मिक अनुष्ठान है।

नारायण बलि पूजा
नारायण बलि पूजा अकाल मृत्यु या दुर्घटना में मृत आत्माओं को मोक्ष प्रदान करने के लिए की जाने वाली पवित्र विधि है।
गुरु चांडाल दोष पूजा बुक करने के लिए अभी संपर्क करें
गुरु चांडाल दोष पूजा कुंडली में गुरु और राहु की युति से उत्पन्न दोष को शांत करने के लिए की जाती है।
WhatsApp पर अभी बुक करेंदक्षिणा: Contact for Price
